गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

अवतार का वृतांत

भागवद् पुराण में कृष्ण अवतार का वृतांत लिखते हुये वर्णन आता है कि मध्य रात्रि के गहन अंधकार में सबके हृदय में बसने वाले परम् सत्य ने देव रूपिणी देवकी की धारणा में अपने को प्रगट किया । शाश्वत् प्रकाश पुँज गहन अंधकार में उदय हुआ । रहस्य का विमोचन गहन अंधकार की मध्य रात्रि में हुआ । ग्यान ज्योति की सत्यता को असत्य का अंधकार आच्छादित नही कर सकता है । कृष्ण अवतार का वृतांत दुर्वृत्तियों के गहन अंधकार की कालिमा के मध्य आत्मबोध रूपी ज्ञान के प्रकाश का उदय होने का दृष्टांत की लक्षणात्मक अभिव्यक्ति है । 

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