ब्रम्ह का अंश आत्मा हम प्रत्येक
के अंदर विद्यमान है । उस पर आच्छादित मोंह के हटते ही वह पवित्र ब्रम्ह रूप को
प्राप्त हो जाता है । हमें परम् ब्रम्ह की ध्वनि सुनाई पडने लगेगी । हमें ब्रम्ह
के पावन ज्योति के दर्शन मिलने लगेंगे । हम परम् ब्रम्ह की शक्ति से काम करने लगते
हैं । हमारे अंदर विद्यमान आत्मा की अजन्मे ब्रम्ह में उन्नति हो जाती है ।
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