मंगलवार, 2 दिसंबर 2014

विद्वानों का मत

धर्मदर्शन के विख्यात विद्वानों का यही मत है कि परम् सत्य प्रत्येक जीव में विद्यमान है । उनकी उपस्थिति अंश के रूप में है, सकारात्मक है, शक्तियुक्त है । उस निरापद अनंत, अभेद्य, अ-खण्ड स्वत: अस्तित्व परम् सत्य का मुनुष्य शरीर जो कि स्वयँ असत्य प्रकृति द्वारा निर्मित है के साथ सम्बंध अत्यंत आत्मीय होता है यद्यपि कि इस सम्बंध की परिभाषा करना अथवा व्याख्या करना सम्भव नहीं है । 

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